नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति जॉर्ज यो ने अपने पद से दिया इस्तीफा

विश्वविद्यालय की गवर्निंग बॉडी से मशहूर अर्थशास्त्री व नोबेल विजेता प्रो. अमर्त्य सेन को हटा दिया गया है। इंग्लैंड में रहने वाले अर्थशास्त्री लॉर्ड मेघनाद देसाई और तृणमूल सांसद व हावर्ड में प्रोफेसर रहे सुगाता बोस को भी गवर्निंग बॉडी से बाहर कर दिया गया है। वहीं, कुलपति गोपा सबरवाल को भी हटा दिया गया है। सबरवाल का कार्यकाल पिछले ही साल खत्म हो गया था लेकिन उन्हें एक साल का एक्सटेंशन मिला था।

Publish Date:Fri, 25 Nov 2016 12:19 PM (IST) | Updated Date:Fri, 25 Nov 2016 08:45 PM (IST)

नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति जॉर्ज यो ने अपने पद से दिया इस्तीफा

नालंदा यूनिवर्सिटी के चांसलर जॉर्ज यो ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सिंगापुर से अपना इस्तीफा राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भेजा है।

पटना [जेएनएन]। नालंदा विवि के चांसलर जॉर्ज यो ने नेतृत्व बदलाव से नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होेंने सिंगापुर से राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को अपना इस्तीफा भेजा है। उनका कहना हैे कि उन्हें विश्वास में लिए बगैर नेतृत्व में बदलाव किया गया जो सही निर्णय नहीं है।

पुरानी गवर्निंग कमेटी को भंग कर नई कमेटी बनाई गई

अंतरराष्ट्रीय नालंदा यूनिवर्सिटी स्थापना के समय से ही विवादों में रही है। विश्वविद्यालय की गवर्निंग बॉडी को भंग कर दिया गया है और नई कमिटी बनाई गई है। छह साल बाद नई कमिटी को यूनिवर्सिटी अधिनियम 2010 की धारा 7 के तहत पुनर्गठित किया गया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने यूनिवर्सिटी विजिटर की शक्तियों का प्रयोग करते हुए नई कमेटी बनाई है।

गवर्निंग बॉडी में किया गया है बदलाव

विश्वविद्यालय की गवर्निंग बॉडी से मशहूर अर्थशास्त्री व नोबेल विजेता प्रो. अमर्त्य सेन को हटा दिया गया है। इंग्लैंड में रहने वाले अर्थशास्त्री लॉर्ड मेघनाद देसाई और तृणमूल सांसद व हावर्ड में प्रोफेसर रहे सुगाता बोस को भी गवर्निंग बॉडी से बाहर कर दिया गया है। वहीं, कुलपति गोपा सबरवाल को भी हटा दिया गया है। सबरवाल का कार्यकाल पिछले ही साल खत्म हो गया था लेकिन उन्हें एक साल का एक्सटेंशन मिला था।

फिलहाल इन लोगों को दी गई है जिम्मेवारी

दरअसल, राष्ट्रपति ने इस मामले में अटार्नी जनरल से कानूनी राय लेकर गवर्निंग बॉडी भंग कर दी। फिलहाल इन लोगों को दी गई है जिम्मेवारी। डॉ. पंकज मोहन को प्रभारी कुलपति बनाया गया है। ये विश्वविद्यालय हिस्टोरिकल स्टडीज के डीन थे। कुलाधिपति डॉ जॉर्ज यो को बरकरार रखा गया है।

नई गवर्निंग बॉडी में 13 सदस्य हैं। कुलाधिपति व कुलपति पदेन सदस्य होंगे। भारत समेत 5 देशों के प्रतिनिधि रखे गए हैं। पिछले वर्षों में विवि को सबसे अधिक सहायता देने वाले देशों को वरीयता दी गई है। इसके चलते जापान को हटा दिया गया है। भारत के प्रतिनिधि पूर्व ब्यूरोक्रेट व भाजपा नेता एनके सिंह हैं। चीन, ऑस्ट्रेलिया, थाईलैंड व लाओस के प्रतिनिधि भी हैं।

गौरतलब है कि 2007 में ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार की योजना बनी थी। नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम 2010 संसद के पास हुआ और फिर 25 नवंबर 2010 को विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी। इसके लिए पटना में कई बार गवर्निंग बॉडी की मिटिंग भी हुई थी।

सौजन्य: दैनिक जागरण –

नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति जॉर्ज यो ने अपने पद से दिया इस्तीफा

http://www.jagran.com/bihar/patna-city-nalanda-university-chancellor-george-yeo-quits-from-chancellor-post-15095612.html?src=PTN-BR-PAGE

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