दलित उत्पीड़न व ¨डगरहेड़ी कांड ने खाकी को कर दिया दागदार

25 Dec 2016 08:12 AM (IST)

dagardehiशेर ¨सह डागर, नूंह :

वर्ष 2016 में जिले कुछ अपराध बढ़े हैं तो कईयों में कमी आई है, लेकिन बहुचर्चित ¨डगरहेड़ी व दलित उत्पीड़न के मामलों ने यहां खाकी की साख को दागदार कर दिया। इसके अलावा नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदातें बढ़ी हैं तो हत्या व हत्या के प्रयास के मामले भी बढ़े हैं। महिला सुरक्षा के नाम पर यहां महिला थाना व सुरक्षा के नाम पर कुछ संस्थानों में इजाफा हुआ है तो महिला थाना भ्रष्टाचार को लेकर भी सुर्खियों में रहा है। यहां तैनात रही एक महिला डीएसपी को शिकायत पर यहां से हटाया गया।

स्पष्ट करें कि इस वर्ष तावडू खंड के गांव ¨डगरहेड़ी में खेत पर रहने वाले एक दंपत्ति की हत्या दर्दनाक हत्या की गई तथा वहां एक नाबालिग सहित दो लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस घटना ने क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को तार-तार कर दिया। नेताओं ने भी इस मामले पर जमकर राजनीतिक रोटियां सेकी। मामला केंद्र सरकार तक पहुंचा। पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाते हुए सरकार तीन नौकरियां व करीब 48 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी की। अब फिलहाल इस मामले की जांच सीबीआइ कर रही है। इसके अलावा पुन्हाना में दलितों पर कई अत्याचार के मामले सामने आए हैं। नीमखेड़ा गांव में भी दलितों को दबंगों के कारण गांव से पलायन करना पड़ा है। बिछौर गांव के नंगला नवलगढ़ एक दलित नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला भी चर्चित रहा है तो कई जगल दबंगों द्वारा दलित लड़कियों का भगाकर ले जाने के कारण मामले चर्चा में रहे हैं। हालांकि गोकसी के मामलों में पुलिस सक्रिय नजर आई है। अपराधियों पर लगाम लगाई गई है, तो जुआ-सट्टा भी पकड़ा है। पुन्हाना के गाड़िया लुहार की हत्या का मामला भी पुलिस के लिए सिर दर्दी बना हुआ है। अब टूंड़लाका गांव में सीआरपीएफ कैंप के लिए खाली कराई गई पंचायती जमीन कब्जे भी सियासी अखाड़ा बन रहे हैं।

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मेडिकल कॉलेज रहा चर्चा में :

जिले के शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज भी चर्चा में रहा है। यहां एक महिला मरीज को यहां तैनात गार्डों ने अपनी हवस का शिकार बनाया तो एक मानसिक रोगी महिला ने पांचवीं मंजिल से कूद कर अपनी जान दे दी। इसके अलावा कॉलेज कैंपस में डाक्टर-छात्र व पुलिस के बीच भी मारपीट हुई। इसके कारण मामला सुर्खियों में रहा। इतना ही नहीं मेडिकल कॉलेज में धांधली का मामला भी विधानसभा में विधायक जाकिर हुसैन द्वारा उठाया गया। मामले की जांच स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने विजिलेंस को सौंपी हुई है।

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जाट आंदोलन में रही शांति :

इस वर्ष जिले में जाट आंदोलन जहां पूरे प्रदेश में उग्र रहा वहीं जिले में शांत रहा। लोगों ने उपायुक्त को ज्ञापन जरूर सौंपे लेकिन किसी अप्रिय घटना को अंजाम नहीं दिया गया।

हिफाजत के लिए दी स्कूटी =

महिलाओं की हिफाजत के लिए पुलिस महिला कर्मचारियों को थानों में स्कूटी बांटी गई हैं, लेकिन ये स्कूटी सुरक्षा कम कर्मचारियों की सहूलियत में चलती ज्यादा नजर आ रही हैं।

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पुलिस की कोशिश है कि अपराध पर अंकुश लगे। कई बार ऐसी घटनाएं अचानक घट जाती है, जिसे निपटाने में पुलिस को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ¨डगरहेड़ी कांड व दलित मामले ऐसे ही हैं। ¨डगरहेड़ी कांड की जांच सीबीआइ कर रही है तो दलित व अन्य मामलों में पुलिस कार्रवाई कर रही है। उम्मीद है कि सकारात्मक नतीजे सामने आएंगे। लोगों को भी पुलिस की मदद करनी चाहिए।

कुलदीप ¨सह, एसपी नूंह।

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महिला थाने के आंकड़े :

क्रम मामले संख्या

1. दुष्कर्म 24

2. सामूहिक दुष्कर्म 27

3. छेड़छाड़ 41

4. दहेज 5

5. अपहरण 23

6. दहेज हत्या 01

7. नाबालिग के साथ रेप 44

8. घरेलू ¨हसा 2

9. तस्करी 01

10. एस-एसटी एक्ट 0 5

कुल – 173

सौजन्य से-jagran

http://www.jagran.com/haryana/mewat-15261484.html

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